RAS परीक्षा को लेकर राजे ने सरकार पर साधा निशाना :--
कहा- हठधर्मिता छोड़ परीक्षा आगे बढ़ाए सरकार, किरोड़ी बोले- क्या RAS में भी हो रहा खेल
RAS ADMIT CARD DOWNLOAD 2022 -
एडमिट कार्ड लिंक एवं एसएसओ आईडी से करें डाउनलोड--
➤ कैंडिडेट एडमिट कार्ड आयोग की वेबसाइट https://rpsc.rajasthan.gov.in पर उपलब्ध एडमिट कार्ड लिंक पर जाकर डाउनलोड कर सकते हैं। SSO ID में सिटीजन ऐप्स में रिक्र्यूटमेंट पोर्टल पर उपलब्ध लिंक का चयन कर प्रवेश-पत्र प्राप्त किया जा सकता है।
➤ राजस्थान में RAS मुख्य परीक्षा को लेकर विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदेशभर के भर्ती सिलेबस में हुए बदलाव के बाद मुख्य परीक्षा की तारीख 25 और 26 फरवरी से आगे बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। वही आरपीएससी द्वारा पूर्व निर्धारित तारीख पर ही भर्ती परीक्षा कराने का फैसला किया गया है। जिसको लेकर अब प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है।
➤ RAS मुख्य परीक्षा की तैयारी कर रहे विनय ने बताया कि RPSC ने RAS सिलेबस UPSC से भी बढ़ा दिया है। इसमें मैनेजमेंट, अकाउंटेंसी, स्पोर्ट्स और योग जैसे कई नए विषय जोड़े गए हैं। वहीं अब सिलेबस बदलने के बाद विज्ञान और प्रौद्योगिकी, प्रबंधन जैसे कई नए विषय भी जोड़ दिए गए हैं। ऐसे में इतने कम समय में सिलेबस को पूरा करना बहुत कठिन है। इसलिए RAS मुख्य परीक्षा को 2 से 3 महीने आगे बढ़ाया जाना चाहिये।
वसुंधरा राजे ने ट्वीट कर सरकार पर साधा निशाना।
पूर्व CM -बोली आगे बढ़े परीक्षा, मीणा साधा सरकार पर निशाना ---
➤ RAS अभ्यर्थियों के समर्थन में अब पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा समेत विपक्ष और सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधि भी सरकार से भर्ती परीक्षा आगे बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि पाठ्यक्रम में हुए बदलाव की वजह से अभ्यर्थियों को तैयारी के लिए और समय दिया जाना चाहिए। ऐसे में सरकार को जल्द से जल्द अपनी हठधर्मिता को छोड़ मुख्य परीक्षा आगे बढ़ानी चाहिये। वहीं राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कहीं RAS परीक्षा में भी सरकार रीट की तरह धांधली का कोई खेल तो नहीं कर रही।
तय समय पर ही होगी RAS मुख्य परीक्षा ---
➤ राजस्थान लोक सेवा आयोग की फुल कमीशन बैठक में RAS मुख्य परीक्षा 25 और 26 फरवरी को कराने का फैसला हुआ है। RPSC के अधिकारियों ने बताया कि मुख्य परीक्षा 2 दिन दो पारियों में आयोजित की जाएगी। इस दौरान प्रदेश के सातों संभाग मुख्यालय पर परीक्षा का आयोजन होगा। जिसमें पहली पारी की परीक्षा सुबह 9 से 12 बजे तक, जबकि दूसरी पारी दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक आयोजित होगी। परीक्षा 20 हजार 102 अभ्यर्थी शामिल होंगे।
RAS 2021 प्री परीक्षा:--- R
➤ सवाल...गुरुमुख निहाल सिंह प्रथम राज्यपाल कब बने...विशेषज्ञों का जवाब-1 नवंबर 1956; आयोग का तर्क...26 अक्टूबर 1956
अभ्यर्थियों की आपत्ति पर आयोग के अजीब तर्क, विषय विशेषज्ञों पर भी सवाल उठे
➤ आरपीएससी की परीक्षाओं में सवालों के जवाब को लेकर विवाद थम नहीं रहे हैं। आरएएस प्री 2021 में 4 सवालों के जवाब पर मामला गरमा गया है। अभ्यर्थियों ने आपत्ति लगाई तो आयोग ने अजीब तर्क दिए। अभ्यर्थियों के तर्कों को दरकिनार करके आयोग खुद को सही साबित करने में लगा है। आयोग पहले ही 6 सवाल डिलीट कर चुका है। अब इन 4 सवालों को जोड़ें तो अब तक 10 सवालों पर विवाद सामने आ चुका है। इस कारण आयोग के विषय विशेषज्ञों पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं। विधायक नरपत सिंह राजवी ने इस मुद्दे पर विधानसभा में सवाल पूछा है।
6 सवाल पहले ही आरपीएससी डिलीट कर चुका है, अन्य 4 सवालों पर भी विवादों का साया
Q.गुरुमुख निहाल सिंह को राजस्थान का प्रथम राज्यपाल कब नियुक्त किया गया था?
विवाद – आयोग ने 25 अक्टूबर 1956 को नियुक्ति मानी है, जबकि विशेषज्ञों के अनुसार 25 अक्टूबर राष्ट्रपति के वारंट जारी करने की तिथि है। सिंह 31 अक्टूबर तक दिल्ली के सीएम रहे थे। राजस्थान 1 नवंबर 1956 को राजस्थान वर्तमान रूप में अस्तित्व में आया था। इसलिए 1 नवंबर 1956 को सही होना चाहिए।
आयोग– हमने अधिकृत वेबसाइट से जवाब को सही माना है।
Q. चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना में शामिल बीमारियों के पैकेज के बारे में पूछा गया था।
विवाद- आयोग ने इसमें 1576 बीमारियों के पैकेज को सही माना है। जबकि परीक्षा से करीब एक महीने पहले सरकार ने पैकेज में संशोधन कर दिया था और इसको बढ़ाकर 1579 बीमारियों को पैकेज में शामिल कर लिया था।
आयोग का तर्क –आयोग का तर्क है कि यह करेंट अफेयर का सवाल था। इसलिए डाटा या योजना में बदलाव होते रहते हैं।
Q. विधवा पुनर्विवाह प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 1871 में राजमुंदी सोशल रिफार्म एसोसिएशन स्थापित किया गया था।
विवाद- आयोग ने सवाल ही गलत लिखा क्योंकि यह एसोसिएशन 1871 में नहीं 1878 में स्थापित किया गया था।
आयोग का तर्क – इस पर केवल 8 अभ्यर्थियों ने आपत्ति लगाई। कम संख्या को देखते हुए आयोग ने तर्क दिया कि टाइपिंग की गलती से यह त्रुटि हो गई। यह कोई बड़ी गलती नहीं है।
Q. पिछले कुछ हफ्तों के दौरान पेट्रोल की कीमतें बढ़ी हैं। इस कथन और कार्यवाही को लेकर सवाल पूछा गया था।
विवाद- आयोग ने यह माना है कि सरकार तुरंत टैक्स कम करे। लेकिन अधिकतर अभ्यर्थियों ने यह कहते हुए आपत्ति लगाई कि इस पर कमेटी का गठन होना चाहिए और कीमतों की प्रवृत्ति का अध्ययन करना चाहिए।
आयोग का तर्क – यह रीजनिंग का सवाल है। इसलिए हमारा जवाब सही है।
➤ जवाब को लेकर आयोग के तर्क चिंताजनक हैं। आयोग ने जिनसे पेपर बनवाए उन विशेषज्ञों को तो आधारभूत जानकारी नहीं है। परीक्षा में 6 सवाल डिलीट हो गए और अब भी विवाद है। आयोग को गलती मानकर न्याय करना चाहिए। - डॉ. किरोड़ीलाल, सांसद
➤ अभ्यर्थियों के तर्क सही है तो आयोग को गलती माननी चाहिए। गलत सवालों के जरिए आयोग की साख दांव पर लगाने वाले विषय विशेषज्ञों पर कार्रवाई होनी चाहिए। - दीपेंद्र शर्मा, संरक्षक, राजस्थान बेरोजगार संघ