स्पेशल स्टूडेंट्स एग्जाम में यूज कर सकेंगे कम्प्यूटर :---
➤ दसवीं और बारहवीं के स्पेशल आवश्यकता वाले स्टूडेंट्स के लिए राजस्थान बोर्ड की नई व्यवस्था, चालीस अन्य तरह की छूट भी मिली । साथ ही स्टूडेंट्स के लिए राजस्थान सरकार कि ओर से बहुत शानदार तोहफा मिला है।।
➤श्रीगगानगर में स्पेशल आवश्यकता वाले स्टूडेंट्स के लिए राजस्थान सरकार द्वारा बनाया रूम।
बोर्ड एग्जामिनेशन के हॉल में इस बार स्पेशल स्टूडेंट्स टॉकिंग कैल्क्यूलेटर और स्पेशल सॉफ्टवेयर वाले कम्प्यूटर का यूज कर सकेंगे। सुनने में भले ही अजीब लगे लेकिन केंद्र सरकार ने इन स्टूडेंट्स की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इन्हें चालीस नई तरह की छूट दी है। इनमें थर्ड लैंग्वेज के एग्जाम से छूट देना और फिजिकल एक्सरसाइज लेने वाले स्टूडेंट की उसी एक्सरसाइज को फिजिकिल एजुकेशन के एग्जाम के बराबर मान लेने के निर्देश हैं। यह व्यवस्था पूरे देश में मार्च के अंत में होने वाली दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षा से ही लागू हो जाएगी। सेंट्रल गवर्नमेंट से जुड़े बोर्ड में यह व्यवस्था पहले से लागू हैं लेकिन इस बार इसे राजस्थान के बोर्ड ऑफ सैकेंडरी एजुकेशन ने भी लागू कर दी है। जिससे विधार्थियों को अच्छा तोहफा दिया है।।
सेंट्रल एजुकेशन मिनिस्ट्री ने इंटिग्रेटेड एजुकेशन संबंधी बैठक में सभी 21 कैटेगरी के हैंडिकैप्ट स्टूडेंट्स को स्पेशल छूट देने का फैसला किया है। अब सभी गवर्नमेंट, नॉन गवर्नमेंट और स्पेशल स्कूलों में पढ़ने वाले हजारों रेग्यूलर और प्राइवेट स्टूडेंट्स को लाभ मिलेगा।
किसी भी उम्र और एबिलिटी का हो सकता है राइटर :--
बोर्ड ने नए डायरेक्शन देते हुए कहा है कि अब दसवीं और बारहवीं में स्पेशल स्टूडेंट्स को किसी भी एज और एकेडमिक क्वालिफिकेशन वाला राइटर मिल सकता है। हैडिकैप्ट स्टूडेंट्स को कैटेगरी के अनुसार प्रैक्टिकल के स्थान पर ओरल एग्जाम की छूट मिलेगी। चिल्ड्रन्स विद स्पेशल नीड यानी सीडब्ल्यूएसएन स्टूडेंट्स का एग्जामिनेशन सेंटर किसी स्पेशल स्कूल को रखते हुए सभी एक्जामिनेशन सेंटरों पर प्रायोरिटी से एग्जामिनर के रूप में स्पेशल टीचर्स ही लगाए जाएंगे।
इस सुविधा के कारण से स्पेशल नीड वाले बच्चे आशानी से परीक्षा दे सकते हैं।। और साथ ही उनके साथ एक कितनी भी उम्र का राइटर बैठ सकता है और परिक्षा दिलवा सकता है।।
इनका कर सकेंगे उपयोग :---
इस साल की परीक्षा में हैंडिकैप्ट स्टूडेंट्स को प्रति घंटा 20 मिनट के हिसाब से एक्सट्रा टाइम मिलेगा। वे स्केच पेन, मॉडिफाइड आंसरशीट के अलावा केयरगिवर, कम्युनिकेटर, प्रोम्पटर, लैब असिस्टेंट, मेडिकल स्टाफ आदि का यूज कर सकेंगे।
थर्ड लैंग्वेज के पेपर से छूट :---
दसवीं की परीक्षा में शामिल होने वाले बोल और सुन नहीं सकने वाले स्टूडेंट्स को थर्ड लैंग्वेज के पेपर की छूट दी गई है। जबकि बोल और सुन नहीं सकने वाले, विजुअली एम्पायर्ड और अस्थि विकलांग स्टूडेंट्स को छोड़कर अन्य हैडिकैप्ट स्टूडेंट्स को अंग्रेजी और हिंदी भाषा में मिनिमम पास मार्क्स में 10 प्रतिशत की छूट दी गई है।
विजुअली एम्पायर्ड को यह छूट :---
1.मैग्नीफाइंग व टिंटेड ग्लासेज के उपयोग की अनुमति। 2.गणितीय डायग्राम व नक्शों से छूट। 3.अबेकस, टेलरफ्रेम व टॉकिंग केलकुलेटर के उपयोग की अनुमति।
हियरिंग एम्पायर्ड के लिए सुविधाएं :---
1. नॉइस कांउसिलिंग हैडफोन।
2. साइन लैंग्वेज इंटरप्रेटर।
3. ब्लेक बोर्ड पर निर्देश की अनुमति।
मेटली कमजोर स्टूडेंट्स के लिए सुविधाएं :--
1. परीक्षा में 5-5 मिनट के 2 रेस्ट ब्रेक। 2. फिजियोथैरेपी अभ्यास को फिजिकल एजुकेशन के बाराबर दर्जा। 3. अटैंडेंस में छूट।
2. इस प्रकार के स्टूडेंट्स के लिए राजस्थान सरकार द्वारा किया गया प्रयास सही साबित हुआ ।।
3. इससे इन स्टूडेंट्स को ज्यादा परेशानी नहीं झेलनी पड़गी।।
फैक्ट फाइल --
फिजिकल डिसेबिलिटीज की कैटेगरी -21 राज्य में हैंडिकैप्ट स्टूडेंट्स- 88.5 हजार राज्य में मॉडल रेफरेंस सेंटर- 33 जिले में रेफरेंस रूम-9 जिले में सीडब्ल्यूएसएन स्टूडेंट्स- 3316 सरकारी स्कूलों से 10वीं-12वीं के सीडब्ल्यूएसएन-290
एक्सपर्ट का ये मानना है कि ---
एजुकेशन डिपार्टमेंट के डिस्ट्रिक्ट हैंडिकैप्ट सैक्शन के कॉर्डिनेटर भूपेश शर्मा बताते हैं कि सीडब्ल्यूएसएन कैटेगरी के स्टूडेंट्स को इस साल अजमेर बोर्ड की परीक्षा में 40 स्पेशल सुविधाएं दी जाएंगी। इसके लिए बोर्ड पोर्टल पर स्कूल लॉगइन में लिंक तथा फॉर्म-33 उपलब्ध है। कैटेगरी वाइज लाभ के लिए सीडब्ल्यूएसएन के पास 40 फीसदी या अधिक हैंडिकैप्ट होने का सर्टिफिकेट जरूरी है।